ईस मकड़ी के बच्चे भूख लगने पर खुद की ही माँ को खा जाते है

बहुत ही सुंदर रंगों का दिखने वाला ये जीव दक्षिण पूर्वी ऑस्ट्रेलिया में पायी जाने वाली मकड़ी है जिसका नाम फ्लावर स्पाइडर है।

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जो क्रैब स्पाइडर नाम से भी जाना जाता है। जो थोमिसिड वर्ग में आती है। फूलों पर रहने वाली ये मकड़ी अपने आसपास के पर्यावरण में जो रंग सबसे ज्यादा प्रभावी होता है उसी रंग को अपने शरीर पर धारण कर सकती है। ऐसा करने पर वो खुद किसी अन्य जीव का शिकार बनने से बच सकती है तथा अन्य छोटे कीटों जैसे मधुमक्खियों, तितलियां आदि को अपना भोजन बना सकती है।

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भूख अगर ज्यादा लगी हो और कोई शिकार आसपास नहीं मिलने पर ये मकड़ी अपनी माँ को ही खाने लगती है। ये एक प्रकार का स्वभक्षण है जिसके लिए उसकी माँ खुद ही बच्चों को प्रेरित करती है। अपने बच्चों की भूख मिटाने के लिए वो स्वयं का जीवन बलिदान कर देती है।

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ये मकड़ी ज्यादातर फूलों के ऊपर ही पायी जाती है और पुष्प के रंग जैसा रंग ग्रहण कर लेती है। एक पुष्प पर सिर्फ एक ही मकड़ी रहती है जो पूरा दिन वही पर होती है। रात मे जब फूल मुरझा जाते है तब वो उसी ड़ाली के नीचे किसी पर्ण पर बैठ जाती है।

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